Friday, May 1, 2015

रेड सिग्नल....

उस दिन
सिग्नल पर ठहरा तो
यू लगा जैसे
ज़िन्दगी ठहर गई।
उन कुछ पलो के लिए
मेरा तो पूरा संसार
ठहर गया।
सच-झूठ , हार-जीत,
सभी कुछ ठहर गया।
उस बूढ़ी अम्मा को
मै कुछ न दे पाया, पर
उन्होंने दुआ दी
'भगवान तेरा भला करे'
शायद नई ज़िन्दगी मिली थी
मुझे......!!!!
(Picture by google image)

No comments:

Post a Comment

अमृता - इमरोज़ के प्रेम पत्र

मेरे इमरोज़ !!! आज मेरे हाथ से मेरी कलम छूट गई - शायद आज वह मेरे एक सौ चालीस लाख पंजाबियों के घर-घर जाकर उन्हें कुछ पूछने बताने चली गई है ...